कांग्रेस नेता ने खुद पर लगे गबन के आरोपों को बताया निराधार, कहा- राजनीतिक साजिश के तहत की जा रही कार्रवाई

बलरामपुर। जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत महेवा में 27 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि तत्कालीन सरपंच कार्यकाल के दौरान पंचायत की राशि बिना कार्य कराए फर्जी तरीके से निजी खाते में ट्रांसफर कराई गई। इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश सचिव रामदेव जगते का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि उस समय उनकी पत्नी ग्राम पंचायत महेवा की सरपंच थीं।
मामले का खुलासा RTI के माध्यम से हुआ, जिसके बाद जनपद पंचायत वाड्रफनगर के CEO द्वारा जांच कर प्रतिवेदन उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

वहीं पूरे मामले में रामदेव जगते का बयान भी सामने आया है। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जांचकर्ताओं ने राजनीतिक साजिश के तहत जल्दबाजी में अपना अभिमत जनपद CEO के समक्ष प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
उन्होंने बताया कि जिला पंचायत की ओर से पत्र के माध्यम से जवाब मांगा गया था, जिसका जवाब उनकी धर्मपत्नी पूर्व सरपंच एवं पंचायत सचिव द्वारा जिला पंचायत CEO के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह पूरा मामला उछाला जा रहा है।



