बलरामपुर

दो गजराजों की चालाकी ने वन विभाग की बढ़ाई टेंशन, दिन में साथ और रात होते ही हो जाते हैं जुदा

बलरामपुर – जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र के जंगलों में इन दिनों दो हाथियों की जोड़ी वन विभाग के लिए पहेली बनी हुई है। दिनभर दोनों गजराज एक ही जगह पर आराम फरमाते नजर आते हैं, लेकिन जैसे ही सूरज ढलता है, दोनों अपनी अलग-अलग राह पकड़ लेते हैं। एक पूरब की ओर निकल जाता है तो दूसरा पश्चिम का रास्ता चुन लेता है।

यही चतुराई वन विभाग की परेशानी का सबसे बड़ा कारण बन गई है। हाथियों के अलग होते ही वन अमले के सामने सवाल खड़ा हो जाता है कि आखिर टीम किसके पीछे जाए और किस दिशा में निगरानी बढ़ाए। ऐसा लगता है मानो ये दोनों गजराज अपनी रणनीति से वन विभाग की परीक्षा ले रहे हों।

वन कर्मी लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि हाथियों की यह रोज की दिनचर्या वन विभाग के लिए चुनौती बन चुकी है। जंगल के ये विशाल जीव अपनी समझ और अनुभव के कारण अक्सर ऐसे व्यवहार दिखाते हैं, जो उन्हें और भी रोचक बनाते हैं।

फिलहाल वन विभाग दोनों हाथियों की हर चाल पर नजर रखे हुए है, जबकि ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जंगल में अब चर्चा यही है कि आखिर इस “दिमागी खेल” में बाजी किसकी भारी पड़ेगी—वन विभाग की रणनीति या दो गजराजों की चतुराई।

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